बिलासपुर 28 जून 2026।बिलासपुर बेलगहना क्षेत्र के रतखंडी गांव में शनिवार को रेत से भरे तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आने से 13 वर्षीय मासूम अभय पटेल की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे अवैध रेत परिवहन पर अंकुश लगाने में खनिज विभाग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, किसान जयलाल पटेल का पुत्र अभय गांव में खेल रहा था। इसी दौरान रेत से भरे ट्रैक्टर ने उसे कुचल दिया, गंभीर रूप से घायल बालक को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के समय ट्रैक्टर एक नाबालिग चला रहा था, जो घटना के बाद मौके से फरार हो गया, आरोप यह भी है कि ट्रैक्टर मालिक नाबालिग चालक को बचाने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति का नाम पुलिस को बता रहा है, जिससे जांच प्रभावित होने की आशंका है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रतिबंध और शिकायतों के बावजूद बेलगहना-कोटा क्षेत्र में अवैध रेत का परिवहन लगातार कैसे जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि रतखंडी घाट सहित आसपास के क्षेत्रों से रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर और भारी वाहन रेत लेकर निकलते हैं, लेकिन खनिज विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती, लोगों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही और कथित संरक्षण के कारण अवैध कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि तीन दिन पहले भी रेत से भरे ट्रैक्टर की चपेट में आने से तीन बच्चे घायल हुए थे। उस घटना की सूचना पुलिस तक नहीं पहुंची, जिससे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, यदि उस समय सख्ती बरती जाती, तो शायद आज एक मासूम की जान नहीं जाती,
अब ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि अवैध रेत परिवहन पर तत्काल रोक लगाई जाए, ट्रैक्टर मालिक और दोषी चालक पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो तथा पूरे मामले में खनिज विभाग की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए,अभय की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर अवैध रेत कारोबार पर लगाम कब लगेगी और मासूमों की जान की कीमत कौन चुकाएगा।
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