बिलासपुर 23 जून 2026।बिलासपुर मस्तुरी पुलिस ने कोयला हेराफेरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर एसईसीएल की गेवरा खदान से लोड किए गए उच्च गुणवत्ता वाले जी-11 कोयले को रास्ते में उतारकर उसकी जगह मिलावटी और निम्न गुणवत्ता का कोयला पहुंचाने का आरोप है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तीन ट्रेलर, एक रोलर मशीन तथा करीब 30 टन कोयला जब्त किया है।
पुलिस के अनुसार, श्यामा विहार चिल्हाटी निवासी कप्तान सत्यनारायण ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी कंपनी द्वारा एसईसीएल गेवरा माइंस से 30 हजार टन कोयले का ऑर्डर दिया गया था। 17 जून की रात कंपनी परिसर में पहुंचे तीन ट्रेलरों की जांच के दौरान उनमें खराब और मिलावटी कोयला पाया गया। पूछताछ के दौरान ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गए, जिसके बाद मस्तुरी थाना में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई, विवेचना के दौरान पुलिस ने ट्रेलर चालक जयकांत यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने खुलासा किया कि ट्रेलर मालिकों, कोल डिपो संचालक और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर गेवरा माइंस से लोड किए गए जी-11 कोयले को बेलतरा टोल प्लाजा के पास स्थित एक कोल डिपो में उतारा जाता था। इसके बाद ट्रेलरों में गिट्टी मिश्रित निम्न गुणवत्ता का कोयला भरकर राशि स्टील एंड पावर प्लांट भेजा जाता था।
जांच में सामने आया कि कोल डिपो संचालक आकाश सिंघल के डिपो में रोलर मशीन की मदद से कोयले की मिलावट की जाती थी। इस पूरे खेल से होने वाले मुनाफे का बंटवारा ट्रेलर चालकों, वाहन मालिकों और अन्य सहयोगियों के बीच किया जाता था।
पुलिस ने मामले में चालक जयकांत यादव, वाहन स्वामी सुनीत यादव, सूरज सिंह तथा कोल डिपो संचालक आकाश सिंघल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
सूत्रों का दावा है कि कोरबा से रायपुर मार्ग के बीच कई अवैध कोयला डिपो संचालित हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इन अवैध कारोबारों पर पुलिस और खनिज विभाग की नजर अब तक क्यों नहीं पड़ी। अब देखना होगा कि इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ऐसे अन्य डिपो पर भी शिकंजा कसता है या नहीं।
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