Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

Responsive Advertisement

“बड़ी मछलियां गायब, छोटी पकड़ कर वाहवाही,क्या बिलासपुर पुलिस की सट्टा नीति सिर्फ खानापूर्ति?”...

बिलासपुर 06 अप्रैल 2026।बिलासपुर आईपीएल के रोमांच के बीच सट्टेबाजी पर कार्रवाई की खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या ये कार्रवाई वास्तव में सट्टा कारोबार की जड़ तक पहुंच रही है या सिर्फ सतही प्रदर्शन बनकर रह गई है? थाना सिविल लाइन पुलिस द्वारा दो कथित सटोरियों की गिरफ्तारी को बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया गया, लेकिन शहर में सक्रिय बड़े और इनामी सटोरियों का कहीं अता-पता नहीं है।
पुलिस ने दावा किया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर जुआ और सट्टे के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। कार्रवाई में दो युवकों से मोबाइल, एक्टिवा और 1.48 लाख रुपये जब्त किए गए, पहली नजर में यह कार्रवाई प्रभावी लग सकती है, लेकिन जब शहर के चर्चित और इनामी सटोरियों की बात आती है, तो पुलिस की सक्रियता अचानक धीमी पड़ती नजर आती है।
यह वही पुलिस है जिसने बड़े सटोरियों पर 5000 रुपये का इनाम घोषित किया है। लेकिन सवाल उठता है,क्या इन इनामी चेहरों तक पहुंचना इतना मुश्किल है, या फिर कोशिश ही आधी-अधूरी है? शहर में चर्चा है कि बड़े सट्टा नेटवर्क खुलेआम संचालित हो रहे हैं, लेकिन उन पर हाथ डालने की हिम्मत शायद अभी तक नहीं जुटाई जा सकी है।
छोटे स्तर के सटोरियों को पकड़कर प्रेस विज्ञप्ति जारी करना आसान है,न कोई बड़ा दबाव, न कोई बड़ा जोखिम, लेकिन असली चुनौती उन संगठित गिरोहों तक पहुंचना है जो करोड़ों के खेल में शामिल हैं। क्या पुलिस इस चुनौती से बच रही है?
व्यंग्य यह भी है कि हर बार “कठोर कार्रवाई जारी रहेगी” जैसे जुमले दोहराए जाते हैं, लेकिन परिणाम वही,छोटे खिलाड़ी आउट, बड़े खिलाड़ी नॉट आउट,ऐसा लगता है जैसे सट्टा के इस खेल में पुलिस खुद “सेलेक्टिव अंपायरिंग” कर रही हो।
जनता के मन में यह सवाल गहराता जा रहा है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ आंकड़ों का खेल है? क्या पुलिस विभाग वास्तव में सट्टा कारोबार को खत्म करना चाहता है, या सिर्फ दिखावटी कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है?
अब देखना यह है कि बिलासपुर पुलिस बड़े नामों तक पहुंचकर अपने दावों को साबित करती है या फिर छोटे सटोरियों पर कार्रवाई का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा। क्योंकि शहर पूछ रहा है,“इनामी सटोरिये आखिर हैं कहां?”

Post a Comment

0 Comments