बिलासपुर, 23 जनवरी 2026।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के तालापारा बजरंग चौक पर शुक्रवार रात करीब 9 से 9:30 बजे के बीच दो पक्षों के बीच बीच सड़क जमकर मारपीट हुई,पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि खुलेआम सड़क पर गुंडागर्दी हो रही है, राहगीर जान जोखिम में डालकर बीच-बचाव कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार पुलिस मौके से पूरी तरह नदारद है।
घटना सिविल लाइन जैसे वीआईपी और संवेदनशील इलाके में हुई, जहां 24 घंटे पेट्रोलिंग के दावे किए जाते हैं। इसके बावजूद न तो पेट्रोलिंग वाहन मौके पर पहुंचा और न ही थाना पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया है,इस लापरवाही ने सिविल लाइन पुलिस की कथित सक्रियता और पेट्रोलिंग सिस्टम की सच्चाई उजागर कर दी है।
सूत्रों के अनुसार सिविल लाइन पुलिस की रात्री पेट्रोलिंग अब महज औपचारिकता बनकर रह गई है। आरोप हैं कि ड्यूटी के समय पेट्रोलिंग टीम निजी मेल-जोल में व्यस्त रहती है, जिसका सीधा फायदा असामाजिक तत्व उठा रहे हैं। यही कारण है कि कई मिनट तक चले इस बवाल की भनक तक पुलिस को नहीं लगी है।
इसी बीच थाना परिसर और उसके आसपास लगने वाले चाय,पान ठेले व अवैध दुकानों को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। सूत्रों का दावा है कि इन ठेलों को सिविल पुलिस का खुला संरक्षण प्राप्त है। यही ठेले असामाजिक तत्वों का अड्डा बने हुए हैं और थाना क्षेत्र की गोपनीयता तक भंग कर रहे हैं।
सूत्र यह भी बताते हैं कि थाने के बाहर लगने वाले चाय,पान ठेले वाले अपने लालच में पुलिस की आंतरिक सूचनाएं इधर-उधर पहुंचाने का काम कर रहे हैं, जिससे न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है बल्कि कानून-व्यवस्था भी कमजोर पड़ रही है।
वायरल वीडियो ने सिविल लाइन पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। यदि सिविल लाइन जैसे इलाके में पुलिस सड़क पर हो रही गुंडागर्दी नहीं रोक पा रही, तो शहर के अन्य क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
फिलहाल किसी भी पक्ष ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन अब निगाहें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि क्या वे पेट्रोलिंग व्यवस्था और थाना के बाहर सक्रिय संदिग्ध नेटवर्क पर कार्रवाई करेंगे, या यह मामला भी दबा दिया जाएगा।
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