बिलासपुर 25 जनवरी 2026।बिलासपुर चकरभाठा स्थित oro होटल इन दिनों एक अनोखे प्रयोग के लिए चर्चा में है,यहाँ बिना किसी वैध अनुमति के शराब परोसी जा रही है, और हैरत की बात यह कि आबकारी विभाग को यह सब दिखाई नहीं देता, लगता है होटल प्रबंधन ने कोई ऐसा “अदृश्य लाइसेंस” हासिल कर लिया है, जो सिर्फ विभागीय फाइलों में मौजूद है, जमीन पर नहीं,रायपुर रोड पर स्थित इस होटल में देर रात तक जाम छलकते हैं, शोर गूंजता है और आसपास का इलाका मिनी बार में तब्दील हो जाता है। नशे में धुत ग्राहक सड़क पर हंगामा करते हैं, लेकिन आबकारी विभाग की नींद इतनी गहरी है कि शिकायतों की घंटी भी अलार्म का काम नहीं कर पा रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने मौखिक, लिखित,हर तरह से शिकायतें कीं, मगर जवाब वही पुराना: “जांच कर रहे हैं”। यह जांच कब पूरी होगी, इस पर शायद विभाग खुद भी शोध कर रहा है। लाइसेंस है या नहीं, इसकी जानकारी सार्वजनिक करना तो दूर, होटल की नियमित जांच भी किसी दुर्लभ ग्रहण की तरह होती है,सालों में एक बार,नियम कहते हैं कि बिना लाइसेंस शराब परोसना अपराध है, मगर oro होटल के मामले में नियम शायद छुट्टी पर हैं। सवाल यह नहीं कि होटल में शराब कैसे परोसी जा रही है, सवाल यह है कि आबकारी विभाग को यह सब क्यों नहीं दिख रहा? कहीं ऐसा तो नहीं कि विभाग ने “देखो मत, पूछो मत” नीति अपना ली है?अब जनता बस यही उम्मीद कर रही है कि आबकारी विभाग अपनी आँखों की पट्टी खोले, होटल की वास्तविक स्थिति देखे और यदि नियम टूटे हों तो कार्रवाई करे, वरना चकरभाठा में जल्द ही यह कहावत मशहूर हो जाएगी“जहाँ जाम छलके, वहाँ आबकारी मौन साधे।”
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