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महर्षि यूनिवर्सिटी की अनियमितताओं पर एनएसयूआई का बड़ा वार, CGPURC निरीक्षण समिति को सौंपा 10 पृष्ठों का आरोपपत्र...


बिलासपुर13 दिसंबर 2025। बिलासपुर महर्षि विश्वविद्यालय, बिलासपुर में वर्षों से चली आ रही शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ एनएसयूआई ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग (CGPURC) की निरीक्षण समिति के विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह के नेतृत्व में संगठन ने 14 बिंदुओं पर आधारित 10 पृष्ठों का विस्तृत ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

एनएसयूआई ने ज्ञापन में डीएलएड सहित कई पाठ्यक्रमों के संचालन में नियमों की अनदेखी, एक ही व्यक्ति द्वारा दो संस्थानों के छात्रों की अंकसूची पर प्राचार्य की मुहर व हस्ताक्षर करने, बिना विधिवत शुल्क निर्धारण के पाठ्यक्रम चलाने, कुलसचिव नियुक्ति में पारदर्शिता की कमी, छात्रवृत्ति रोक, सेंटरों के माध्यम से वित्तीय अनियमितता, यूजीसी द्वारा डिफॉल्टर घोषित किए जाने, खुलेआम नकल, पीएचडी में फर्जीवाड़ा और एक ही भूमि-भवन में दो संस्थानों के संचालन जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने कहा कि ये अनियमितताएं केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ हैं। निरीक्षण के दौरान परिसर में पुलिस बल की तैनाती से मामले की संवेदनशीलता भी उजागर हुई। निरीक्षण समिति के अध्यक्ष व सदस्यों ने ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।

एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन सभी प्रमाणों के साथ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए आंदोलन को और व्यापक करेगा। बड़ी संख्या में एनएसयूआई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र इस दौरान मौजूद रहे।

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