बिलासपुर, 07 अक्टूबर 2025।छत्तीसगढ़ में बिलासपुर सिविल लाइन पुलिस ने एक ऐसे “फर्जी अपहरण कांड” का पर्दाफाश किया है जिसने सबको चौंका दिया। एक शिक्षित युवक ने पैसों के लालच में अपने ही पिता से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने के लिए खुद के अपहरण का नाटक रच डाला। लेकिन सिविल लाइन थाना पुलिस की तकनीकी और सतर्क कार्रवाई ने पूरी साजिश को ध्वस्त कर दिया। आरोपी को पुलिस ने पेंड्रा से गिरफ्तार कर लिया है।जानकारी के अनुसार आरोपी संजय कुमार यादव, मूलतः देहराखार, नारायणपुर (जिला जशपुर) का रहने वाला है। वह पिछले लगभग 10 सालों से बिलासपुर के कस्तूरबा नगर में किराए के मकान में रह रहा था। संजय एमएससी तक पढ़ा-लिखा है और बैंक में काम करता था। आर्थिक तंगी के चलते उसने “फेक किडनैपिंग” का नाटक रचा ताकि अपने पिता से पैसे हासिल कर सके।
1 अक्टूबर को उसने अपने पिता बालेश्वर यादव को फोन कर बताया कि वह घर लौट रहा है। लेकिन वह कभी घर नहीं पहुंचा। अगले दिन उसका मोबाइल बंद मिला। तभी अचानक पिता को फोन आया कि संजय का अपहरण कर लिया गया है और 10 लाख रुपये फिरौती चाहिए।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कॉल के दौरान खुद संजय ने कहा कि“पैसे मेरे ही बैंक खाते में जमा करा दो, तभी मुझे छोड़ा जाएगा।”शक होने पर पिता ने पूरे मामले की जानकारी जशपुर स्थित सीएम हाउस को दी। वहां से सूचना बिलासपुर सिविल लाइन थाना तक पहुंची,थाना प्रभारी की टीम ने तत्काल गुम इंसान का मामला दर्ज कर मोबाइल लोकेशन ट्रेसिंग शुरू की ,लोकेशन कभी बिलासपुर, कभी गौरेला, तो कभी रायगढ़ की तरफ दिख रही थी। बार-बार मोबाइल लोकेशन बदलने और मोबाइल स्विच ऑफ रहने से पुलिस की मुश्किलें बढ़ीं, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी।तकनीकी साक्ष्यों और लगातार ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने आखिरकार पेंड्रा क्षेत्र से युवक को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि संजय किराए के मकान में कोरबा की एक युवती के साथ रह रहा था।
युवती ने पूछताछ में बताया कि संजय ने उसे कहा था कि वह “गांव जा रहा है”, लेकिन उसके बाद संपर्क टूट गया।पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जी अपहरण प्रकरण में किसी और की संलिप्तता तो नहीं है।
सिविल लाइन थाना प्रभारी ने बताया कि “पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और निरंतर मॉनिटरिंग से इस फर्जी अपहरण की साजिश का खुलासा किया। आरोपी को पेंड्रा से गिरफ्तार कर लिया गया है। पूरे मामले की विवेचना जारी है और जल्द ही इसका आधिकारिक खुलासा किया जाएगा।”इस पूरे मामले में सिविल लाइन थाना स्टाफ की तेज़ और योजनाबद्ध कार्रवाई ने एक बड़ी सनसनी को शांत किया।जिस प्रकार आरोपी ने लोकेशन बदलकर पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की, उसके बावजूद टीम की तकनीकी दक्षता और समन्वय ने उसे बेनकाब कर दिया है।
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