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15 अगस्त आयोजन में पंचों की अनदेखी का आरोप, ग्राम पंचायत बैमा में विवाद...,सरपंच-सचिव पर मनमानी के आरोप, कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से निष्पक्ष जांच की मांग...


बिलासपुर 21 अगस्त 2026।बिलासपुर ग्राम पंचायत बैमा में 15 अगस्त 2026 के स्वतंत्रता दिवस आयोजन को लेकर विवाद सामने आया है। पंचायत के निर्वाचित पंचों ने सरपंच और सचिव पर नियमों की अनदेखी, मनमानी तथा पंचों को विश्वास में लिए बिना पंचायत का कामकाज संचालित करने के आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर पंचों ने कलेक्टर संजय अग्रवाल और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
पंचों का आरोप है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व के आयोजन को लेकर पंचायत की सामान्य सभा अथवा आवश्यक बैठक नहीं बुलाई गई। वहीं 15 अगस्त को आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम की जानकारी भी निर्वाचित पंचों को विधिवत नहीं दी गई और उन्हें सम्मानपूर्वक आमंत्रित नहीं किया गया। पंचों का कहना है कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की इस तरह अनदेखी पंचायत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के सम्मान पर सवाल खड़े करती है।

पंचायत की राशि के उपयोग पर भी सवाल

शिकायत में कार्यक्रम के आयोजन पर पंचायत की सरकारी राशि के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पंचों ने मांग की है कि आयोजन से संबंधित प्रस्ताव, स्वीकृति, बिल-वाउचर, भुगतान और अन्य अभिलेखों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि राशि का उपयोग नियमानुसार किया गया या नहीं,इसके साथ ही पंचायत की पूर्व बैठकों और कार्यवाही रजिस्टर की भी जांच की मांग की गई है।

अंकित गौरहा ने जताई नाराजगी

कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने कहा कि 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व के आयोजन में यदि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित नहीं किया गया और पंचायत स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों में जनप्रतिनिधियों की गरिमापूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
गौरहा ने कहा कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों अथवा पंचायत पदाधिकारियों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए,
फिलहाल मामले में जिला प्रशासन की जांच और संभावित कार्रवाई पर ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों की नजर बनी हुई है। अब देखना होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच किस स्तर पर होती है और दोष सिद्ध होने पर जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कदम उठाया जाता है।

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