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"जब साहब को गश्त से ज़्यादा 'चुस्की' की फिक्र हो... तो अपराधियों की निकल पड़े! सिरगिट्टी थाना बना 'ऑल इज़ वेल' ज़ोन?"...


बिलासपुर 19 जुलाई 2026।बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में अपराध और अवैध कारोबार को लेकर लगातार उठ रहे सवाल अब चर्चा का विषय बनते जा रहे हैं। क्षेत्र से मिल रही शिकायतों के अनुसार अवैध शराब की बिक्री हो या सट्टे का कारोबार, मानो सब कुछ खुलेआम चल रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इन गतिविधियों पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी किसकी है?
सूत्रों की मानें तो सिरगिट्टी बाजार में इन दिनों खुलेआम सट्टे के नंबर लिखे जा रहे हैं,बताया जाता है कि इस कारोबार को संचालित करने वाला वही पुराना "खाईवाल" है, जिसे क्षेत्र के अधिकांश पुलिसकर्मी अच्छी तरह पहचानते हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या यह जानकारी थाना प्रभारी तक नहीं पहुंची, या फिर जानकारी होने के बावजूद सब कुछ "सब चलता है" के सिद्धांत पर छोड़ दिया गया है?
चर्चाओं का बाजार तो यहां तक गर्म है कि थाना प्रभारी महोदय को क्षेत्र की कानून-व्यवस्था से ज्यादा अपनी "चुस्कियों" से प्रेम है। सूत्र दावा करते हैं कि साहब का थाना आना-जाना महज औपचारिकता बनकर रह गया है, जबकि थाने की वास्तविक कमान मातहतों के भरोसे चल रही है। इतना ही नहीं, यह भी चर्चा है कि साहब कभी-कभी थाने में ही मदिरा का आनंद लेते नजर आते हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि इनमें जरा भी सच्चाई है तो यह पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
ऐसे माहौल में बरसों पुरानी कहावत बरबस याद आती है"जब सैंया भये कोतवाल, तो अब डर काहे का।" सिरगिट्टी में यह कहावत कुछ ज्यादा ही सटीक बैठती नजर आ रही है। जब कानून का पहरेदार ही क्षेत्र की गतिविधियों से बेखबर दिखाई दे, तो अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद होना स्वाभाविक है। फिर चाहे अवैध शराब बिके या सट्टे की पर्चियां खुलेआम लिखी जाएं, रोकने-टोकने वाला कौन?
फिलहाल ये तमाम आरोप और चर्चाएं सूत्रों के हवाले से सामने आ रही हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। अब निगाहें पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं कि क्या वे इन शिकायतों और आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराएंगे, या फिर सिरगिट्टी थाना यूं ही "भगवान भरोसे" चलता रहेगा। जनता को जवाब चाहिए, क्योंकि कानून व्यवस्था भरोसे से चलती है, चर्चाओं और चुप्पी से नहीं।

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