Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

Responsive Advertisement

कोनी थाना बना ‘आरक्षक राज’ का अड्डा! प्रभारी केबिन में, मैदान में चर्चित आरक्षक की चल रही हुकूमत?...


बिलासपुर 30 सितम्बर 2026।बिलासपुर न्यायधानी बिलासपुर में पुलिस व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की सख्ती की चर्चा अक्सर सामने आती है, लेकिन कोनी थाना इन दिनों कुछ अलग ही कहानी बयां करता नजर आ रहा है। सवाल यह उठने लगा है कि क्या कोनी थाने की कमान थाना प्रभारी के हाथ में है या फिर एक चर्चित आरक्षक ही थाने का ‘सुपर बॉस’ बनकर काम कर रहा है?

थाने की व्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। आरोप है कि थाना प्रभारी अपने केबिन में बैठकर फाइलों और चाय की चुस्कियों में व्यस्त रहते हैं, जबकि थाने से जुड़े कई अहम कामों में एक आरक्षक की सक्रियता कथित तौर पर कुछ ज्यादा ही नजर आती है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर थाना प्रभारी की भूमिका क्या सिर्फ केबिन संभालने तक सीमित रह गई है?

चर्चाओं में यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि संबंधित आरक्षक की इलाके में अच्छी-खासी ‘पकड़’ है और अवैध रेत परिवहन समेत कुछ गतिविधियों को लेकर उसका नाम लगातार चर्चा में रहता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि पुलिस महकमे में ही कोई आरक्षक अपनी कथित पहुंच के चलते इतना प्रभावशाली हो जाए कि थाना प्रभारी की भूमिका गौण नजर आने लगे, तो यह निश्चित रूप से व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

व्यंग्य में कहें तो कोनी थाने में अब नई व्यवस्था लागू हो गई है,थाना प्रभारी केबिन में बैठेंगे, चाय गर्म रहेगी और थाने का ‘मैदानी प्रबंधन’ आरक्षक संभालेंगे! आखिरकार पुलिस विभाग में पद और जिम्मेदारी का भी कोई मतलब होता है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा अवैध कारोबार और वसूली पर कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं। ऐसे में कोनी थाने से उठ रही चर्चाओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। यदि आरोप निराधार हैं तो स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और यदि शिकायतों में तथ्य हैं तो जिम्मेदारी तय होना भी उतना ही जरूरी है।

अब सवाल सिर्फ इतना है,क्या कोनी थाने को ऐसी कार्यप्रणाली की जरूरत है, या फिर थाने की कमान वास्तव में एक सक्रिय, कर्तव्यनिष्ठ और सख्त थाना प्रभारी के हाथों में सौंपे जाने का समय आ गया है?

Post a Comment

0 Comments