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“नेता जी का ‘नशा विकास मॉडल’, सरकंडा में 50 रुपये की पुड़िया और संरक्षण का पूरा पैकेज!”...



बिलासपुर 14 मई 2026।न्यायधानी बिलासपुर का सरकंडा थाना क्षेत्र इन दिनों किसी कानून व्यवस्था वाले इलाके से ज्यादा “ओपन नशा मार्केट” जैसा नजर आने लगा है। हालत ऐसे हैं मानो यहां सब्जी मंडी में टमाटर-प्याज नहीं, बल्कि गांजे की पुड़िया बिक रही हो। चिंगराजपारा स्थित लक्ष्मी चौक में एक महिला, जिसे स्थानीय लोग “माते” के नाम से जानते हैं, खुलेआम 50 रुपये में गांजे की पुड़िया बेचती दिखाई दे रही है। अंदाज ऐसा कि जैसे किसी सरकारी योजना का स्टॉल लगा हो और जनता को विशेष छूट पर सामग्री वितरित की जा रही हो।
 लोगों की मानें तो इस पूरे कारोबार को इलाके के एक कथित “नेता जी” का संरक्षण प्राप्त है। शायद यही वजह है कि कारोबारियों के चेहरे पर कानून का डर नहीं, बल्कि आत्मविश्वास चमकता नजर आता है। सूत्र बताते है कि क्षेत्र में अवैध शराब, नशे की गोलियां और गांजा अब कोई बड़ी बात नहीं रह गई है। सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि “जो मांगो, वो हाजिर” वाली स्थिति बन चुकी है।सूत्रों की माने तो जिन नेता जी का नाम संरक्षण में सामने आ रहा है, वे कभी खुद इस कारोबार के खिलाड़ी हुआ करते थे। लेकिन वक्त बदला, राजनीति का चोला ओढ़ा और अब खुद मैदान में उतरने के बजाय संरक्षण की “महान सेवा” में जुट गए हैं। यानी पहले कारोबार खुद संभालते थे, अब फ्रेंचाइजी मॉडल पर चलवा रहे हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकंडा थाना क्षेत्र में यह सब इतनी खुली छूट के साथ कैसे चल रहा है? क्या पुलिस को इसकी भनक नहीं, या फिर सब कुछ देखकर भी आंखें मूंद ली गई हैं? अगर हालात ऐसे ही रहे तो वह दिन दूर नहीं जब सरकंडा की पहचान कानून व्यवस्था से नहीं, बल्कि “नशा हब” के नाम से होने लगेगी।

फिलहाल जनता यही पूछ रही है,
“नेता जी, यह जनसेवा है या नशा सेवा?”

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