बिलासपुर 22 अप्रैल 2026।छत्तीसगढ़ बिलासपुर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिले काफी समय हो चुका है, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी मूलभूत सुविधाओं की पोल खोल रही है। शहर की विद्युत व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है, जहां विभाग की लापरवाही का खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
ताजा मामला सिंधी कॉलोनी स्थित डॉ. एम.सी. वर्मा टॉवर का है, जहां बीती रात लगभग 9 बजे ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई,घटना के बाद टावर के रहवासियों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचना दी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि करीब 10 घंटे बीत जाने के बाद भी न तो कोई कर्मचारी मौके पर पहुंचा और न ही ट्रांसफार्मर की मरम्मत की गई,भीषण गर्मी के इस दौर में बिना बिजली के रहना लोगों के लिए किसी आपातकालीन स्थिति से कम नहीं है। टावर में रहने वाले परिवार पूरी रात अंधेरे और उमस में गुजारने को मजबूर हो गए,छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, लोगों का कहना है कि एक ओर शहर का तापमान लगातार बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बिजली की मांग भी चरम पर है, ऐसे में इस तरह की लापरवाही बेहद गंभीर है।
स्थानीय टॉवर वासियों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि अगर यही हाल रहा, तो स्मार्ट सिटी का सपना केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा,बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक आम जनता इस तरह की अव्यवस्था से जूझती रहेगी? क्या बिजली विभाग अपनी ‘कुंभकरणी नींद’ से जागेगा या टावर के लोग एक और रात इसी तरह अंधेरे और गर्मी में बिताने को मजबूर होंगे?
0 Comments