विलासपुर 14 मार्च 2026।बिलासपुर जिले के सकरी थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपये की जमीन से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिसमें नाबालिग बच्चों की जमीन को कथित तौर पर उनके जीवित पिता को मृत दर्शाकर बेच दिया गया। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार सकरी क्षेत्र में स्थित नाबालिग बच्चों की कीमती जमीन को जालसाजी और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे बेचने का आरोप बच्चों के कथित मामा और उनके परिजनों पर लगा है। आरोप है कि अखिलेश पाण्डेय, अनुराग पाण्डेय, अभिषेक पाण्डेय, गुलाबा पाण्डेय, संगीता पाण्डेय, अर्चना पाण्डेय, अर्पणा पाण्डेय और आदर्श पाण्डेय, निवासी श्रीकृष्ण गौशाला चांपा ने मिलकर जमीन को आसमा बिल्डर बिलासपुर को बेच दिया।
मामले का खुलासा होने के बाद नाबालिग बच्चों की ओर से उनके पिता मनीष शुक्ला, निवासी हालाहुली (खरसिया) ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के करीब 25 दिन बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 20 जनवरी 2026 को सकरी थाना में अपराध क्रमांक 0059/2026 के तहत धारा 420, 464, 467, 468, 471 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने इस मामले में अखिलेश पाण्डेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
हालांकि एफआईआर के लगभग दो महीने बीत जाने के बावजूद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। आरोप है कि अनुराग पाण्डेय और अभिषेक पाण्डेय खुलेआम घूम रहे हैं। वहीं फर्जी जमीन सौदे की रकम संगीता पाण्डेय, गुलाबा पाण्डेय और अर्चना पाण्डेय के बैंक खातों में ट्रांसफर होने की बात भी सामने आई है।
इस बीच आरोपियों द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिकाएं भी अदालत ने खारिज कर दी हैं। इसके बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित पक्ष ने 9 मार्च को पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी उन्हें धमका कर समझौते का दबाव भी बना रहे हैं, जबकि सकरी पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है।
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