बिलासपुर। सरकंडा थाना क्षेत्र के चर्चित रानी सिंह एनडीपीएस मामले में अब नया मोड़ आ गया है। पिछले करीब चार महीनों से एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल में बंद रानी सिंह के मामले में आज आयोजित जनसुनवाई के दौरान महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने हस्तक्षेप करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
जनसुनवाई के दौरान रानी सिंह के परिजनों ने महिला आयोग के समक्ष अपनी बात रखी। रानी के भाई शिवराज ने आरोप लगाया कि उनकी बहन को साजिश के तहत झूठे मामले में फंसाया गया है। उनका कहना है कि रानी के बहनोई, जो एक मेडिकल स्टोर संचालित करते हैं, ने कथित रूप से नशीली टैबलेट उनके घर में रखवाकर पुलिस कार्रवाई कराई, जिसके बाद उनकी बहन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
शिवराज ने यह भी आरोप लगाया कि उनके जीजा ने पुलिस अधिकारियों से मिलीभगत कर रानी सिंह के खिलाफ कार्रवाई कराई, उनका कहना है कि मामले की शुरुआत से ही निष्पक्ष जांच नहीं हुई, जिसके कारण उनकी बहन पिछले चार महीनों से जेल में है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
महिला आयोग के इस हस्तक्षेप के बाद रानी सिंह के चर्चित एनडीपीएस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। अब सभी की नजर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हुई है। रानी सिंह के भाई द्वारा लगाए गए आरोप उनके व्यक्तिगत आरोप हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
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