बिलासपुर सिरगिट्टी थाना क्षेत्र एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। एक ओर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह लगातार अपराध और अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाएं पुलिसिंग की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रही हैं।
क्षेत्र में चर्चा है कि कुछ अवैध गतिविधियां अब भी बेखौफ जारी हैं। सूत्रों की माने तो कथित रूप से नशे के कारोबार, अवैध शराब कारोबारियों का नेटवर्क सक्रिय है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह चर्चा जरूर है कि यदि ऐसे कारोबार वास्तव में चल रहे हैं तो उन पर प्रभावी अंकुश क्यों नहीं लगाया जा रहा,लोगों का कहना है कि कानून का डर कम और अपराधियों का मनोबल ज्यादा दिखाई दे रहा है।
इसी बीच शनिवार रात आदर्श नगर स्थित पानी टंकी के पास हुई खूनी वारदात ने हालात की गंभीरता और बढ़ा दी, मामूली कहासुनी के बाद 15 वर्षीय छात्र शिवम नायक उर्फ शिब्बू पर कथित रूप से चाकू से जानलेवा हमला कर दिया गया,आरोप है कि पिता ने छात्र को पकड़ रखा और बेटे ने उसके सीने व पेट पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसकी आंत बाहर निकल आई,घायल छात्र का सिम्स अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है।
अब सवाल यह है कि क्या सिरगिट्टी थाना केवल घटना होने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित रह गया है? क्या अपराध होने से पहले रोकथाम की जिम्मेदारी कहीं पीछे छूट गई है? यदि क्षेत्र में लगातार अवैध गतिविधियों और अपराधों की चर्चाएं हो रही हैं, तो उनका प्रभावी सत्यापन और कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही?
सूत्र यही कहते है कि लगता है सिरगिट्टी थाना अपराधियों के लिए चुनौती कम और आम नागरिकों की चिंता ज्यादा बनता जा रहा है।आम नागरिक अब यह सवाल पूछ रही है कि क्या थाना क्षेत्र को एक ऐसे होनहार, सक्रिय और सख्त थाना प्रभारी की जरूरत नहीं है, जो केवल अपराध दर्ज करने तक सीमित न रहे, बल्कि अपराधियों में कानून का भय भी पैदा करे,क्योंकि जब पुलिस की मौजूदगी से ज्यादा अपराधियों की सक्रियता चर्चा में हो, तो बदलाव की मांग उठना स्वाभाविक है। जनता को उम्मीद है कि पुलिस नेतृत्व इन चर्चाओं और बढ़ती घटनाओं पर गंभीरता से संज्ञान लेकर प्रभावी कदम उठाएगा।
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