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सिरगिट्टी थाना:तबादले का आदेश, वापसी का आशीर्वाद,तीन साल से जमे कर्मियों पर उठे सवाल...


बिलासपुर 18 जून 2026।बिलासपुर न्यायधानी में बढ़ते अपराधों के बीच सिरगिट्टी थाना एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। वजह सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि वे पुलिस कर्मी हैं जिनका सिरगिट्टी थाना से ऐसा लगाव बताया जा रहा है कि तबादले के आदेश भी उनके मोह को कम नहीं कर पाते, सूत्रों के अनुसार कुछ कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने एक-दो नहीं, बल्कि कई बार सिरगिट्टी थाने में अपनी वापसी दर्ज कराई है। मानो थाना नहीं, उनका स्थायी निवास हो कहा जा रहा है कि विभागीय तबादलों के बाद भी कुछ पुलिस कर्मी घूम-फिरकर फिर सिरगिट्टी पहुंच जाते हैं। यह उनकी कार्यकुशलता का कमाल है, प्रभाव का परिणाम है या फिर किसी अदृश्य "व्यवस्था" का असर, यह जांच का विषय है। लेकिन विभाग के लोगों में इस बीच यह चर्चा जरूर है कि जिन कर्मचारियों को दूसरे थानों में जाना चाहिए, वे आखिर बार-बार सिरगिट्टी में ही क्यों नजर आते हैं।
इसी बीच हाल ही में हुए चर्चित हत्या कांड ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिसके लिए उसकी सराहना भी हो रही है। लेकिन सूत्रों का दावा है कि घटना रात करीब 2 बजे हुई और घटनास्थल से गश्त प्वाइंट की दूरी महज 800 मीटर थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि गश्त व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय होती तो क्या घटना को रोका जा सकता था? सूत्रों के अनुसार उस रात गश्त और पेट्रोलिंग में तैनात कर्मियों की वास्तविक मौजूदगी को लेकर भी चर्चाएं हैं। यहां तक कहा जा रहा है कि यदि संबंधित कर्मचारियों का मोबाइल लोकेशन की निष्पक्ष जांच हो जाए तो कई तथ्य सामने आ सकते हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस विभाग में चर्चा यह भी है कि तीन साल से अधिक समय से एक ही थाने में जमे कर्मचारियों पर विभाग की नजर कब पड़ेगी,क्या लंबे समय से जमे कर्मियों का स्थानांतरण होगा या फिर उन्हें एक और "कार्यकाल विस्तार" का अनौपचारिक सम्मान मिल जाएगा? फिलहाल इस बात का इंतजार रहेगा कि विभाग इस मामले को गंभीरता से लेता है या फिर सिरगिट्टी थाना कुछ चुनिंदा कर्मियों के लिए "आओ-जाओ, फिर यहीं आओ" योजना का केंद्र बना रहेगा।

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