Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

Responsive Advertisement

नए सब-इंस्पेक्टरों को आईजी गर्ग की सीख, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और संवेदनशील पुलिसिंग से गढ़ें छत्तीसगढ़ पुलिस की नई पहचान...

 बिलासपुर 11 जून 2026।बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने बुधवार को रेंज स्तर पर नव नियुक्त प्रशिक्षु उप निरीक्षकों (पीएसआई) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक लेकर उन्हें बेहतर पुलिसिंग, अनुशासन और तकनीकी दक्षता के गुर सिखाए,रक्षित केंद्र बिलासपुर स्थित चेतना भवन में आयोजित इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक भी शामिल हुए, बैठक में आईजी राम गोपाल गर्ग ने स्पष्ट कहा कि वर्दी धारण करने के बाद किसी भी पुलिस अधिकारी का आचरण केवल व्यक्तिगत नहीं रहता, बल्कि वह पूरे पुलिस विभाग की छवि का प्रतिनिधित्व करता है।

 उन्होंने नव प्रशिक्षु अधिकारियों को जनता के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसा कोई कार्य न करें जिससे पुलिस की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचे,तकनीकी दक्षता पर विशेष जोर देते हुए आईजी ने कहा कि सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को सीसीटीएनएस में प्रविष्टियां स्वयं करनी होंगी और विभागीय डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे ‘सशक्त’, ‘ई-साक्ष्य’, ‘आई/ओ मितान’ तथा ‘समाधान’ ऐप का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करना होगा,साथ ही कंप्यूटर, सोशल मीडिया और साइबर अपराध संबंधी जानकारी में दक्षता विकसित करने के निर्देश भी दिए गए,विवेचना कौशल को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रत्येक प्रशिक्षु उप निरीक्षक को कम से कम पांच समन और पांच वारंट तामील करने, पुरानी एफआईआर और चार्जशीट का अध्ययन करने तथा अनुभवी विवेचकों और मोहर्रिरों से कार्यप्रणाली सीखने के लिए कहा गया, आईजी ने बताया कि व्यवहारिक प्रशिक्षण ही एक सक्षम विवेचक और प्रभावी पुलिस अधिकारी की पहचान बनाता है।
जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि थाने में आने वाले प्रत्येक पीड़ित की समस्या को धैर्यपूर्वक सुनना और उसे न्याय दिलाने का भरोसा देना पुलिस का प्राथमिक दायित्व है। इसके अलावा विभागीय आचरण नियमों का पालन और दैनिक डायरी का नियमित संधारण भी अनिवार्य बताया गया, जिसकी कभी भी औचक जांच की जा सकती है।
बैठक के अंत में आईजी राम गोपाल गर्ग ने नव प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले 20 से 25 वर्षों तक छत्तीसगढ़ पुलिस की छवि और कार्यप्रणाली की जिम्मेदारी इसी नए बैच के कंधों पर होगी,इसलिए सभी अधिकारी पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

Post a Comment

0 Comments