बिलासपुर 04 मई 2026।नवा रायपुर स्थित बालकों मेडिकल सेंटर (BMC) मध्य भारत में उन्नत कैंसर उपचार का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। वेदांता ग्रुप की पहल पर स्थापित यह 170-बेड का गैर-लाभकारी संस्थान कैंसर मरीजों को एक ही स्थान पर संपूर्ण और निर्बाध उपचार उपलब्ध करा रहा है।
कैंसर उपचार आमतौर पर लंबी और जटिल प्रक्रिया होती है, जिसमें डायग्नोसिस, उपचार और फॉलो-अप शामिल होते हैं। अलग-अलग अस्पतालों में इलाज होने से मरीजों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। BMC ने इस चुनौती का समाधान एकीकृत (इंटीग्रेटेड) मॉडल के जरिए किया है, जहां मेडिकल, सर्जिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी सहित सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं।
यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम,जिसमें हेमेटोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, ट्रांसप्लांट और सपोर्टिव केयर विशेषज्ञ शामिल हैं,मिलकर हर मरीज के लिए व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार करती है। यही कारण है कि जटिल मामलों का भी प्रभावी और सतत प्रबंधन संभव हो पा रहा है।
स्थापना के बाद से अब तक 67,000 से अधिक मरीजों का इलाज किया जा चुका है, जबकि 4.35 लाख से ज्यादा ओपीडी विजिट दर्ज हुई हैं। सेंटर में 86,000 से अधिक कीमोथेरेपी सत्र, 12,500 से ज्यादा सर्जरी और 150 से अधिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं।
BMC ने कई जटिल मामलों में सफलता हासिल की है, जिसमें अग्नाशय कैंसर के मरीज की जटिल सर्जरी और स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के जरिए एक युवा मरीज को नया जीवन देना शामिल है। इन उपचारों की खास बात यह रही कि मरीजों को बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ी।
मरीजों की सुविधा के लिए मुफ्त परिवहन, ‘सुख सराय’ आवास और कीमोथेरेपी मरीजों के लिए पौष्टिक आहार जैसी सेवाएं भी उपलब्ध हैं। साथ ही, कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए छत्तीसगढ़ और ओडिशा में नियमित स्क्रीनिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।
आर्थिक बोझ कम करने के लिए चैरिटेबल फंड, सरकारी योजनाएं और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से मरीजों को सहायता दी जा रही है। समग्र, सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं के साथ BMC आज मध्य भारत में कैंसर देखभाल की नई परिभाषा गढ़ रहा है।
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