बिलासपुर 08 अप्रैल 2026।बिलासपुर शहर के तारबाहर थाना क्षेत्र में कानून इन दिनों शायद छुट्टी पर है,और इसकी सबसे बड़ी मिसाल बन चुका है पुराना बस स्टैंड स्थित होटल प्रीत, जहां खुलेआम शराब परोसी जा रही है, वो भी बिना किसी लाइसेंस के सूत्रों की मानें तो ये कोई नई ‘स्टार्टअप स्टोरी’ नहीं है, बल्कि सालों पुराना धंधा है, जो बिना रजिस्ट्रेशन के ही शानदार मुनाफा कमा रहा है। यहां न “ड्राई डे” का असर, न आबकारी नियमों का डर बस ग्लास भरे जा रहे हैं और कानून खाली होता जा रहा है।
हैरानी की बात ये है कि थाना चंद कदमों की दूरी पर है, लेकिन मानो ये अवैध बार किसी अदृश्य चादर में लिपटा हो, पुलिस को कुछ दिखता नहीं, आबकारी विभाग को कुछ सुनाई नहीं देता या फिर दोनों ने आंख-कान बंद करने का कोई “मौन समझौता” कर लिया है?
वही लोगों का कहना है कि अगर आम आदमी दो पैग के साथ पकड़ा जाए तो कानून तुरंत जाग जाता है, लेकिन यहां तो पूरी ‘मिनी बार इंडस्ट्री’ चल रही है,और वो भी बिना किसी रोक-टोक के अब सवाल ये उठता है कि आखिर ये ‘खुली छूट’ किसकी मेहरबानी है? क्या जिम्मेदार अधिकारी वाकई अनजान हैं, या फिर सब कुछ जानते हुए भी “सब चलता है” की नीति पर अमल हो रहा है?
फिलहाल, होटल प्रीत में जाम टकरा रहे हैं,और कानून की धज्जियां भी,अब देखना दिलचस्प होगा,क्या प्रशासन इस नशे में डूबे सिस्टम को होश में लाता है,या फिर यूं ही ‘प्रीत’ के नाम पर नियमों का मज़ाक उड़ता रहेगा?
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