बिलासपुर 14 जून 2026।बिलासपुर सरयू विहार कॉलोनी इन दिनों किसी शांत रिहायशी इलाके से ज्यादा एक ऐसे "ओपन थिएटर" की तरह चर्चा में है, जहां दिनदहाड़े होने वाली कथित अश्लील हरकतों से स्थानीय परिवार का जीना दूभर हो गया है। हैरानी की बात यह है कि कॉलोनी के निवासी के द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद जिम्मेदार तंत्र मानो गहरी नींद में सोया हुआ नजर आ रहा है।
वही कोलोनी के रहने वाले जिम्मेदार नागरिक का कहना है कि बाहरी युवकों का जमावड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है और कॉलोनी का माहौल खराब हो रहा है। वही एक बगल में रहने वाले परिवार ने कई बार सरकंडा थाने में शिकायत भी की, लेकिन कार्रवाई का परिणाम आज तक दिखाई नहीं दिया, अब लोगों के बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि शिकायतों की फाइल शायद थाने से निकलकर किसी ऐसे "विशेष संरक्षण क्षेत्र" में पहुंच गई है, जहां कानून भी प्रवेश करने से पहले अनुमति मांगता होगा, सूत्रों के हवाले से कॉलोनी में यह भी चर्चा है कि जिस युवक पर मकान किराए पर दिलाने और संदिग्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप लगाए जा रहे हैं, उसके खिलाफ शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, वहीं मकान मालिक को भी कई बार समझाइश दी गई कि पारिवारिक कॉलोनी में किरायेदारों का चयन जिम्मेदारी से किया जाए, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि सलाह और शिकायतें दोनों ही उनके दरवाजे तक पहुंचकर वापस लौट आती हैं।
कॉलोनी के स्थानीय निवासी का कहना है कि यहां अधिकांश घरों की छतें और दीवारें आपस में जुड़ी हुई हैं, आसपास परिवार रहते हैं, बच्चे रहते हैं, लेकिन इन परिस्थितियों की चिंता शायद किसी को नहीं है। लोगों का तंज है कि यदि शिकायतों पर कार्रवाई की गति ऐसी ही रही तो जल्द ही "शिकायतकर्ता सम्मान समारोह" आयोजित करना पड़ेगा, क्योंकि शिकायत करने वाले ही सबसे ज्यादा सक्रिय नजर आ रहे हैं।अब सवाल यह है कि क्या इस मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह संज्ञान लेंगे और कॉलोनी के निवासी की परेशानियों का समाधान होगा, या फिर यह मामला भी रसूख, प्रभाव और कथित संरक्षण की धूल में दबकर रह जाएगा? फिलहाल सरयू विहार में अपने घर के बगल में रहने वाले किरायदार युवकों से परेशान परिवार कार्रवाई का इंतजार कर रहा हैं, जबकि सवाल यह है कि आखिर कानून की आंखें खुलेंगी कब?
0 Comments