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“रेड में शराब कम, ‘रेट’ ज्यादा मिला! बिलासपुर के एक थाने की रात वाली कहानी चर्चा में”...


बिलासपुर 20 मई 2026।बिलासपुर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह द्वारा जिले में अवैध कारोबारियों पर सख्ती के लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। शहर में कार्रवाई भी हो रही है, प्रेस विज्ञप्तियां भी जारी हो रही हैं और फोटो खिंचवाने की रफ्तार भी तेज है। लेकिन इसी बीच एक थाना क्षेत्र से ऐसी कहानी निकलकर सामने आई है, जिसने “कार्रवाई” और “कमाई” के बीच का फर्क फिर चर्चा में ला दिया है।
सूत्रों के मुताबिक विगत दो दिन पहले की रात एक सफेद कार में सवार तीन पुलिस कर्मी अपने थाना क्षेत्र के एक गांव में अवैध शराब की रेड कार्रवाई करने पहुंचे, बताया जा रहा है कि मौके से शराब भी पकड़ी गई, यहां तक सब कुछ कानून के मुताबिक चल रहा था, लेकिन इसके बाद कथित तौर पर शुरू हुआ असली “सेटलमेंट ऑपरेशन” गांव की गलियों में चर्चा है कि कार्रवाई के बाद मौके पर ही “बोली प्रक्रिया” शुरू हो गई, काफी देर तक चली बातचीत के बाद मामला कथित तौर पर “50” पर जाकर शांत हुआ। अब यह 50 हजार था या “ईमानदारी का नया रेट कार्ड”, यह तो जांच का विषय है, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई,सूत्रों से यह खबर मीडिया तक पहुंची तो मीडिया ने संबंधित थाना प्रभारी से संपर्क किया। पहले जवाब मिला,“हमें ऐसी किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं है।” लेकिन जब दोबारा फोन घनघनाया तो जवाब बदला हुआ था,“कार्रवाई हुई है, प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी।” हालांकि जिस व्यक्ति के बारे में पूछताछ हुई, उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होने की बात कही गई,अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर वह आरोपी गया कहां?
क्या “50” का जादू ऐसा चला कि नाम ही केस डायरी से गायब हो गया? या फिर अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते-करते कुछ लोग “अवैध समझौता विभाग” में तब्दील हो गए? सूत्र यह भी बताते हैं कि इन पुलिस कर्मियों में एक ऐसा चर्चित जवान भी शामिल है, जो पहले रतनपुर और कोटा क्षेत्र में पदस्थ रह चुका है। वहां भी उस पर अवैध कारोबारियों से वसूली के आरोप लगते रहे हैं। अब शहर के थाने में उसकी नई पोस्टिंग के साथ कथित “वसूली अभियान” भी अपडेटेड वर्जन में जारी बताया जा रहा है।
फिलहाल शहर में चर्चा यही है कि बिलासपुर में अब रेड से ज्यादा “रेट” तय होने लगे हैं।

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